टमाटर की खेती कैसे करें? | tamatar ki kheti | Farming Study

टमाटर का वैज्ञानिक नाम (Botanical Name) - लाइकोपर्सीकोन एसकुलेन्टम (Lycopersicon Esculantum)


टमाटर का कुल (Family) - सोलेनेसी (Solanaccac)


16 वीं शताब्दी के प्रारंभ में स्पेनिश अन्वेषकों द्वारा टमाटर को यूरोप में लाया गया था।


यूरोपियन लोगों द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका तथा कनाडा में टमाटर की खेती (tamatar ki kheti) का प्रवेशन हुआ ।


भारत में टमाटर पुत्र गालियों द्वारा लाया गया था हालांकि इसके समय का ठीक नीचे नहीं है ।


टमाटर की खेती | tamatar ki kheti


वर्तमान समय में भारत में टमाटर की खेती (tamatar ki kheti) लगभग 36,000 में की जाती है ।


आज के समय में सब्जियों में टमाटर की फसल (tamatar ki fasal) अपना महत्वपूर्ण स्थान रखती है ।


टमाटर का जन्म स्थान


टमाटर का जन्म स्थान दक्षिण अमेरिका के पीरु तथा बोलीविया को माना जाता है ।


टमाटर का वानस्पतिक विवरण


टमाटर सोलेनेसी (Solanaceae) कुल का पौधा है । इसकी प्रजाति 'Lycopersicon' है ।

इसकी बहुत सी जातियां है ।


परन्तु 'esculantum' खाने योग्य फल उत्पन्न करती है, दूसरी छोटे फलों वाली जाति 'pimpinellifoliun' प्रजनन के लिये उपयोगी है ।


टमाटर की खेती के लिए उचित जलवायु


टमाटर गर्म मौसम की फसल है, यह ठंडी जलवायु में भी हो सकती है परंतु यह पाला सहन नहीं करती है ।


टमाटर की फसल (tamatar ki fasal) के लिए 18 डिग्री सेल्सियस से 27 डिग्री सेल्सियस तक तापमान उपयुक्त रहता है ।


टमाटर की वृद्धि के लिए दैनिक औसत तापमान 21 डिग्री सेल्सियस से 30 डिग्री सेल्सियस तक उपयुक्त होता है ।


टमाटर में लाल रंग का क्या कारण होता है?


टमाटर की फसल (tamatar ki fasal) में तापमान तथा प्रकाश की सघनता फल बनने को प्रभावित करती है, इससे फलों में लाल रंग लाइकोपीन का विकास भी प्रभावित होता है ।


टमाटर का लाल रंग लाइकोपीन (Lycopene) के कारण ही होता है ।


टमाटर के फलों का पोषक मान भी काफी हद तक प्रभावित होता है ।


टमाटर की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी


टमाटर की खेती (tamatar ki kheti) के लिये हल्की दोमट भूमि सर्वोत्तम होती है ।

मृदा वातन (Soil aeration) एवं जल निकास अच्छा होना चाहिए ।


अम्लीय भूमि टमाटर की खेती (tamatar ki kheti) के लिये अच्छी नहीं होती है इसलिए अम्लीयता होने पर भूमि में चूना मिलाना लाभप्रद होता है ।

टमाटर के लिये मृदा pH 6-0 से 7-0 सर्वोत्तम होता है ।


ये भी पढ़ें :-


टमाटर की खेती कैसे की जाती है? | tamatar ki kheti kaise kare?

टमाटर की खेती कैसे करें?, tamatar ki kheti kaise kare, टमाटर की खेती की पूरी जानकारी, टमाटर की किस्में, टमाटर की खेती कब करें, टमाटर की खेती का समय,
टमाटर की खेती कैसे करें? | tamatar ki kheti | Farming Study


टमाटर की किस्में | tamatar ki kisme


भारत में टमाटर की बहुत सी किस्में में प्रचलित है, जिसमें मुख्य रुप से हाइब्रिड किस्में उगाई जाती है ।


टमाटर की प्रमुख किस्में - 

  • पूसा रुबी
  • पूसा अर्ली डवारफ
  • बैस्ट ऑफ ऑल
  • सोयू (Sioux)
  • मारग्लोब
  • फायर बाल
  • SI 120 इटेलियन रैड
  • पियर
  • रोमा
  • T1
  • पोन्डेरोसा
  • प्रिचारड
  • आक्स हार्ट
  • डेविलिनम्
  • चायस
  • देशी डिक्सन
  • Pb 12
  • रैड कलाउड
  • वरल्ड बीटर सटेन्स परफैक्शन
  • सटेन्स गोल्डन क्वीन प्रौसपैरिटी
  • पान अमेरिकन
  • मेरटी
  • गैमेड
  • SL 152
  • स्वीट 72 S. 12
  • H.S. 102 एवं H.S. 101 आदि ।


टमाटर की हाइब्रिड किस्में


टमाटर में संकर ओज (hybridvigour) भी पायी जाती है ।


पूसा रुबी तथा बैस्ट आफ आल की F1 हाईब्रिड की इनके पित्रज से 20% तक अधिक उपज होती है ।

टमाटर में हाईब्रिड उत्पन्न करने का व्यापक क्षेत्र है ।


हाइब्रिड टमाटर की किस्में -

  • सदाबहार
  • प्रिति
  • गुलमोहर सोनाली इत्यादि संकर किस्में है ।


टमाटर की बीज दर कितनी होती है?


एक ग्राम भार में लगभग 300 बीज होते है ।

एक हैक्टर के लिए लगभग 400 ग्राम बीज काफी होता है ।


टमाटर की नर्सरी


अच्छी प्रकार से तैयार की गई नरसरियों में बीज बोया जाता है । 

इसके लिये 6 इंच ऊपर उठी, 3 फीट चौड़ी तथा 6 फीट लम्बी क्यारियां तैयार की जाती है, मिट्टी भुरभुरी होनी चाहिए ।


मिट्टी के ऊपर एक इंच मोटी तह सड़ी हुई बारीक गोबर की खाद डालकर अच्छी प्रकार मिला देनी चाहिए ।


टमाटर की खेती कब करें?


टमाटर की नर्सरी में बीज बोने के समय निम्न प्रकार है -


( अ ) उत्तरी भारत में टमाटर की दो बार बुवाई की जाती है -


1. शरद् - शिशिर फसल (Autumn - Winter crop) के लिए बीज जून - जौलाई में बोया जाता है ।

2. बसन्त - ग्रीष्म फसल (Spring - Summer crop) के लिए बीज नवम्बर में वोया जाता है ।


( ब ) देश के उन भागों में जहां पाला नहीं पड़ता है, वहाँ पर बीज की बुवाई केवल एक बार जौलाई - अगस्त में की जाती है ।


( स ) पहाड़ी क्षेत्रों में बीच मार्च - अप्रैल में बोया जाता है ।


ये भी पढ़ें :-


टमाटर की पौध कब एवं कैसे लगाई जाती है?


टमाटर के पौधे 4-5 सम्ताह के बाद रोपने योग्य हो जाते है ।

इस समय तक पौधों की लम्बाई लगभग 10 सेमी. हो जाती है तथा वे काफी सख्त हो जाते है ।


पौधों को अधिक सख्त बनाने के लिये (Hardening) बीच - बीच में कभी सिंचाई रोक देते है, जिससे कि वे खुले मौसम के अनुकूल हो जायें ।


टमाटर के पौधों में कितना फासला रखा चाहिए?


1. शरद् - शिशिर फसल के लिए - 75 x 60 से. मी.


2. बसन्त - ग्रीष्प फसल के लिए - 75 x 45 से. मी. रखा जाता है ।


टमाटर की खेती के लिए आवश्यक खाद एवं उर्वरक की मात्रा


टमाटर को जल्दी मिलने वाले पोषण तत्वों की आवश्यकता पड़ती है ।


टमाटर की फसल (tamatar ki fasal) को लगभग 75 कि० ग्रा० नत्रजन (N), 60 कि. ग्रा. फास्फोरस (P) तथा 80 कि० ग्रा० पोटाश (K) की आवश्यकता पड़ती है ।


इस आवश्यकता की पूर्ति निम्न प्रकार से करनी चाहिये -


1. खेत की तैयारी के समय 20 से 25 टन गोबर की खाद प्रति हैक्टर अच्छी प्रकार मिट्टी मे मिला देनी चाहिये ।


2. 125 कि० ग्रा० अमोनियम सल्फेट, 80 कि० ग्रा० पोटेशियम सल्फेट तथा 250 कि० ग्रा० सिंगल सुपर फास्फेट पोध रोपण के समय पौधों की जड़ों के पास डालनी चाहिये ।


3. लगभग एक माह पश्चात 125 कि० ग्रा० अमोनियम सल्फेट का (topdressing) कर देना चाहिये ।


4. टमाटर की खेती (tamatar ki kheti) के लिए उर्वरकों के घोल का पौधों पर छिड़काव लाभप्रद साबित हुआ है । इसके लिए 40 कि० ग्रा० फास्फोरस का घोल के रूप में 3, 4 बार छिड़काव किया जा सकता है ।


टमाटर की खेती के लिए आवश्यक सिंचाई


टमाटर की खेती (tamatar ki kheti) के लिये निश्चित तथा उचित समय पर सिंचाई की आवश्यकता पड़ती है ।

क्योंकि सिंचाई की कमी तथा अधिकता दोनों ही पौधों के लिये घातक है ।


पौधों की आवश्यकता के अनुसार ही पानी देना चाहिये ।

स्टेक (Staked) वाली फसल को प्रति -5 से 7 दिन बाद सिंचाई करनी चाहिये ।


जमीन की फसल (Ground crop) प्रति 10 दिन के बाद सिंचाई करनी चाहिए ।


टमाटर की खेती में निराई गुड़ाई


नयी लगायी गई फसल की प्रत्येक सिंचाई के बाद खुपी अथवा हैन्ड हो (Hand hoe) में हल्की निराई करनी चाहिये, जिससे ऊपर की भूमि भुरी - भुरी हो जाये तथा खरपतवार समाप्त हो जायें ।


नमी बनाये रखने के लिये घास फूस अथवा काली पोलीथिन से मल्चींग (mulching) करना लाभप्रद प्रमाणित हुआ है ।


टमाटर में काट - छाँट एवं ट्रेनिंग कब एवं कैसे की जाती है?


अगेती फसल लेने के लिये अक्सर स्टेकिंग (staking) किया जाता है ।

एक तने पर अधिकतर स्टेकिंग किया जाता है ।

पार्श्व अक्ष (lateral avis) को चुनकर तोड़ दिया जाता है ।


टमाटर में ट्रेनिंग की गई फसल व्यावसायिक रूप से नहीं उगायी जा सकती है, क्योंकि खर्च तथा श्रम अधिक लगता है ।

आपेक्षित उपज भी अधिक नहीं होती है ।


स्टेक की गयी फसल के फलों पर सूर्य का प्रकाश सीधा पड़ता है, जिससे उन पर सूर्य जलन (sun burning) के चक्कते पड़ जाते हैं तथा फल खराब हो जाते है ।


टमाटर में फल न आना एवं इसके उपाय


टमाटर में फल लगाना एक गम्भीर समस्या है यह समस्या बसन्त - ग्रीष्म फसल में, बसन्त के आरम्भ में कम तापक्रम (13°C से कम) की वजह से होती है तथा शरद - शिशिर फसल में, शरद के प्रारम्भ में अधिक तापक्रम (38°C से अधिक) के कारण होती है ।

इसमें फूल झड़ जाते है तथा फल नहीं लगते है ।


इस समस्या का समाधान पादप नियमकों (plant regulators) के छिड़काव से किया जा सकता है ।


उपाय -


पैरा - क्लोरोफिनोक्सी एसीटिक एसिड 15-20 ppm., 2-4D, 1-2 ppm. जीबेलीक एसिड प्रभावकारी साबित हुए है ।


टमाटर के फलों की तुड़ाई कब करनी चाहिए?


उचित आकार व परिपक्वता के फलों की लगातार तुड़ाई की आती है ।

फलों को तोड़ने की अवस्था का निर्धारण फलों के उपयोग तथा स्थानान्तरण 50 ppm (transport) की दूरी के आधार पर किया जाता है ।


जहाजों में लदान के लिये पूर्ण विकसित हरे फल तोड़े जाते है ।

कम दूरी पर भेजने के लिये अर्धपरिपक्व फल तोड़ते है ।


डिब्बा - बन्दी (canning) के लिये पूर्ण परिपक्व फल तोड़े जाते है ।


टमाटर की खेती से प्राप्त उपज


16 से 24 टन प्रति हैक्टर उपज हो जाती है ।


टमाटर के फलों का श्रेणीकरण


भारतीय मानक संस्थान (Indian Standard Institution - ISI) के द्वारा इसकी निम्न चार श्रेणी मान्य है -


  • सुपर ए (Super A)
  • सुपर (Super)
  • फैन्सी (Fancy)
  • कामर्शियल (Commercial)


टमाटर के फलों का भण्डारण


टमाटर का सर्वोत्तम संग्रह 12-15°C पर होता है ।

परिपक्व हरे फलों को 10-15°C पर एक माह तक रखा जा सकता है ।


पूर्ण परिपक्व फलों को 4.5°C पर दस दिन तक रखा जा सकता है ।


हिमाँक (Freezing point) पर रखने से निम्न तापीय धाव (low temperature injury) उत्पन्न हो जाती है ।


People also ask (Questions and answers)


टमाटर कब लगाएं?
टमाटर कितने दिन में फल देता है?
बरसात में टमाटर की खेती कैसे करें?
गर्मी में टमाटर की खेती कैसे करें?
हिमसोना टमाटर की खेती कैसे करें?
टमाटर को ठंड से कैसे बचाएं?
गर्मी में कौन सा टमाटर लगाएं?


टमाटर की खेती के रोग
सर्दी में टमाटर की खेती
टमाटर की खेती घर पर कैसे करें
टमाटर की खेती के बारे में बताएं


देशी टमाटर की खेती
टमाटर की खेती कौन से महीने में होती है
टमाटर की जैविक खेती
टमाटर की वैज्ञानिक खेती
मध्य प्रदेश में टमाटर की खेती
हरियाणा में टमाटर की खेती
अभिलाष टमाटर की खेती
हाइब्रिड टमाटर की खेती


Please do not enter any spam link in the comment box.

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Post a Comment (0)

Previous Post Next Post